हरिद्वार , 20 मई ।
हाईटेक तकनीक और तेज जांच के सहारे पुलिस ने एक अंधे हत्याकांड का मात्र 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मामले को सुलझा लिया, जिसमें पहले अज्ञात शव की पहचान की गई और फिर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मामला 17 मई का है, जब थाना क्षेत्र के अंतर्गत नदी किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिला था, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे और प्रथम दृष्टया उसकी पीट-पीटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई थी। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
शुरुआत में शव की पहचान सबसे बड़ी चुनौती बनी रही, जिसके लिए पुलिस ने गृह मंत्रालय के नेटग्रिड पोर्टल की सहायता ली और मृतक की तस्वीर अपलोड करने पर संभावित पहचान से जुड़े कई डाटा सामने आए। इसके बाद पुलिस टीमों ने कई राज्यों तक पहुंचकर सत्यापन किया और मृतक की पहचान एक युवक के रूप में की गई, जिसके बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी गई।
जांच में एक संदिग्ध वाहन की मौजूदगी सामने आई, जिसके आधार पर सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया और पुलिस जांच होटल तक पहुंची।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और उसका भाई काम की तलाश में क्षेत्र में आए थे और होटल में भोजन करने के दौरान विवाद हो गया, जिसके बाद झगड़े में युवक पर बेरहमी से हमला किया गया, जबकि उसका भाई मौके से भाग निकला।
आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि हत्या के बाद शव को वाहन की डिग्गी में रखकर नदी किनारे फेंक दिया गया ताकि पहचान छिपाई जा सके।
पुलिस ने बाद में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से मृतक का मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त वाहन तथा अन्य संबंधित वाहन भी बरामद किए गए।




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