तेहरान, 22 मई।
होर्मुज जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के मध्य शांति बहाली की संभावनाओं ने जोर पकड़ लिया है। दोनों देशों को टकराव से दूर रखने के लिए मध्यस्थ देश निरंतर सक्रिय हैं, ताकि किसी तरह एक अस्थायी समझौते की रूपरेखा तैयार की जा सके। इस बीच अमेरिका की आंतरिक राजनीति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य अधिकारों पर अंकुश लगाने की डेमोक्रेट्स की मंशा पर फिलहाल पानी फिर गया है।
विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान और वाशिंगटन के बीच कई देशों के माध्यम से कूटनीतिक संवाद चल रहा है। दोनों पक्ष संघर्ष को विराम देने के लिए एक औपचारिक फ्रेमवर्क बनाने हेतु मसौदे और संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। जहां एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने समझौते के करीब होने का दावा किया है, वहीं अन्य सूत्रों ने अभी अंतिम परिणाम को लेकर सावधानी बरतने की बात कही है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शांति की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलने की पुष्टि की है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यूरेनियम भंडार कम न करने की स्थिति में कड़े कदम उठाए जाएंगे। उधर, अमेरिकी संसद के हाउस में रिपब्लिकन नेताओं ने ईरान युद्ध से संबंधित विधेयक पर मतदान को जून तक के लिए टाल दिया है। यदि यह मतदान होता, तो राष्ट्रपति ट्रंप के युद्ध संबंधी अधिकारों पर कानूनी लगाम लग जाती।
विधेयक के प्रस्तावक सांसद ग्रेगरी मीक्स ने पर्याप्त समर्थन होने का दावा करते हुए इसे राजनीतिक खेल करार दिया है। वहीं, डेमोक्रेटिक नेताओं ने संयुक्त बयान में रिपब्लिकन पार्टी पर ट्रंप प्रशासन के दबाव में काम करने और कायरतापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, रिपब्लिकन नेता स्टीव स्केलाइज़ ने मतदान टालने के पीछे अनुपस्थित सांसदों को मौका देने का तर्क दिया है, जबकि हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने इस विषय पर चुप्पी साधे रखी।






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