नई दिल्ली, 25 मई।
नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में जांच का दायित्व संभाल रही केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक और बड़ी सफलता प्राप्त की है। मामले में आरोपित भौतिकी (फिजिक्स) की शिक्षिका मनीषा संजय हवलदार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूछताछ के लिए छह दिनों की हिरासत में भेज दिया है। शिक्षिका को एजेंसी द्वारा 24 मई को पुणे से हिरासत में लिया गया था।
जांच से जुड़े आधिकारिक तथ्यों के अनुसार, आरोपित शिक्षिका राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के पैनल में फिजिक्स ट्रांसलेटर के रूप में कार्यरत थी। उन पर प्रश्नपत्र तैयार करने और उसे लीक कर प्रसारित करने में सक्रिय भूमिका निभाने के गंभीर आरोप हैं। कोर्ट में पेशी के दौरान एजेंसी ने स्पष्ट किया कि मामले के अन्य सह-आरोपितों के साथ पूछताछ और साक्ष्यों के मिलान हेतु छह दिनों की हिरासत अनिवार्य है। इस प्रकरण में मनीषा संजय हवलदार दसवीं आरोपित हैं।
इससे पूर्व, इसी मामले में मनीषा मंधारे को 14 दिनों की हिरासत में भेजा गया था, जिन्हें मथुरा के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। वे प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा थीं और उन पर केमिस्ट्री शिक्षक पीवी राव एवं मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर पेपर लीक करने की साजिश रचने का आरोप है। पीवी राव और मनीषा वाघमारे को पहले ही 10 दिनों की हिरासत में भेजा जा चुका है।
जांच का दायरा बढ़ते हुए अन्य आरोपितों तक भी पहुंचा है। इसमें धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और यश यादव शामिल हैं, जिन्हें कोर्ट ने विभिन्न तिथियों पर हिरासत में भेजा है। आरोपितों ने एक-दूसरे के माध्यम से प्रश्नपत्र साझा किए थे। फिलहाल, सभी आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और लीक की पूरी कड़ियों का पर्दाफाश किया जा सके।







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