बड़गाम, 25 मई।
मध्य कश्मीर के बड़गाम जिले के गलवानपोरा में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध मृत्यु के मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला बलात्कार और हत्या का प्रतीत होता है। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पीड़ित परिवार से भेंट की और मामले में संस्थागत विफलता पर गहरा रोष व्यक्त किया।
संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल
सांसद ने बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटनाओं को अत्यंत चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायपालिका और सरकार का यह प्राथमिक दायित्व है कि वे कड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र अक्सर असहमति को दबाने और विशेष कानूनों को लागू करने में तत्परता दिखाता है, लेकिन जब बात कमजोर पीड़ितों के न्याय की आती है, तो वही तत्परता और इच्छाशक्ति नदारद रहती है। उन्होंने सवाल किया कि सुरक्षा के लिए जिम्मेदार संस्थान अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में क्यों विफल हो रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न
पीड़ित लड़की के मदरसा जाने के दौरान हुई इस त्रासदी पर सांसद ने कहा कि यदि बच्चे मदरसा जाते समय भी सुरक्षित नहीं हैं, तो उनकी सुरक्षा का दावा कौन कर सकता है। उन्होंने जांच एजेंसियों से मामले को प्राथमिकता के आधार पर हल करने और दोषियों को कठोरतम दंड दिलाने का आग्रह किया है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।






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