तेहरान, 26 मई।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि अब खाड़ी क्षेत्र के देश अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के लिए पनाह या ढाल के रूप में इस्तेमाल नहीं करने देंगे, जिससे मध्य-पूर्व में शक्ति संतुलन बदलने की स्थिति को लेकर नए संकेत सामने आए हैं।
हज यात्रा की शुरुआत के अवसर पर जारी लिखित संदेश में खामेनेई ने क्षेत्रीय और वैश्विक व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका की सैन्य मौजूदगी अब सुरक्षित नहीं रहेगी और उसकी प्रभावशाली स्थिति कमजोर पड़ती जाएगी, साथ ही उन्होंने इजराइल के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए।
रिपोर्टों के अनुसार, अपने पिता अली खामेनेई के बाद सर्वोच्च नेता बनने के बाद से उन्होंने सार्वजनिक रूप से सामने न आकर केवल लिखित संदेश जारी किए हैं, जबकि यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की चर्चाओं के बीच आया है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह समय ऐसे हालात में महत्वपूर्ण है जब क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान का तनाव जारी है, जिसका प्रभाव खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है और इससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।














