नई दिल्ली, 25 मई ।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को अपने जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोटेगी के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया की स्थिति और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक संबंध हैं, जो दोनों देशों की साझा दृष्टि पर आधारित हैं और मुक्त एवं खुला इंडो-पैसिफिक सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों देश ऊर्जा आयातक और बड़े व्यापारिक राष्ट्र हैं, जिनके समुद्री हित भी जुड़े हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे आज सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण चिंता का विषय हैं, जिन पर विस्तृत विचार-विमर्श आवश्यक है।
जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने बैठक में कहा कि वर्तमान वैश्विक व्यवस्था युद्धोत्तर काल के सबसे बड़े संरचनात्मक बदलावों से गुजर रही है, जहां शक्ति संतुलन में बदलाव और संघर्षों की वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत और जापान पर यह जिम्मेदारी भी है कि वे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय देशों को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि बढ़ेगी।
बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए। इस दौरान भारत में जापान के राजदूत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। जापानी विदेश मंत्री अपने भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।








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