गुवाहाटी, 26 मई।
असम में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर राज्य की राजनीति में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने इस विधेयक के प्रावधानों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे व्यक्तिगत और धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को आयोजित एक चर्चा के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून के नाम में 'समान' शब्द का प्रयोग भ्रामक है। विपक्ष ने सरकार से इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की है। कांग्रेस के एक विधायक ने प्रश्न उठाया कि यदि यह कानून समस्त नागरिकों पर समान रूप से लागू होना है, तो विभिन्न जनजातीय समुदायों को इसके दायरे से बाहर क्यों रखा गया है? उन्होंने सरकार से इस विसंगति पर स्पष्ट उत्तर देने की मांग की है।
विवाद को और अधिक स्पष्ट करते हुए एक अन्य कांग्रेस विधायक ने कहा कि वे धार्मिक निर्देशों और व्यक्तिगत कानूनों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पार्टी का आरोप है कि प्रस्तावित संहिता नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित करेगी। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वे इस विधेयक का अपना विरोध निरंतर जारी रखेंगे।















