नई दिल्ली, 26 मई ।
हैदराबाद हाउस में मंगलवार को भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की 11वीं क्वाड बैठक आयोजित हुई, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, उभरती प्रौद्योगिकी और मानवीय सहायता जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
बैठक में सबसे अहम घोषणा दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए एक नई पहल की रही, जिसके तहत खनन, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण क्षेत्रों में सरकारी और निजी निवेश के माध्यम से लगभग 20 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल का उद्देश्य उन्नत प्रौद्योगिकी और औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना तथा रणनीतिक परियोजनाओं को बढ़ावा देना बताया गया है, साथ ही लाइसेंसिंग, नियामकीय प्रक्रियाओं और भूवैज्ञानिक संसाधन आकलन में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
क्वाड देशों ने ई-कचरे और स्क्रैप से महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति और पुनर्चक्रण तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, ताकि आपूर्ति शृंखला अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बन सके।
बैठक में समुद्री सुरक्षा के लिए निगरानी सहयोग बढ़ाने, सूचना साझा करने और समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाने पर सहमति बनी, वहीं आतंकवाद विरोधी सहयोग को भी मजबूत करने की बात कही गई और सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई।
इसके अलावा आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और अवसंरचना विकास जैसे क्षेत्रों में भी नई साझेदारियों की घोषणा की गई, जबकि उभरती प्रौद्योगिकी के तहत 6जी मानकों, डिजिटल पहचान और एआई आधारित कृषि परियोजनाओं पर संयुक्त कार्य करने का निर्णय लिया गया।
मानवीय सहायता और आपदा प्रतिक्रिया के क्षेत्र में स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय क्षमता मजबूत करने पर सहमति बनी।
क्वाड नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति शृंखला की मजबूती को वैश्विक स्थिरता के लिए आवश्यक बताया और सहयोग को और तेज करने पर जोर दिया।




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