ओटावा, 26 मई।
भारत और कनाडा अपने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कनाडा की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान संकेत दिए हैं कि दोनों राष्ट्र इस वर्ष के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ता को पूर्ण करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस रणनीतिक साझेदारी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचाना है।
ओटावा में आयोजित एक उच्चस्तरीय स्वागत समारोह के दौरान, वाणिज्य मंत्री ने भारत की तीव्र विकास यात्रा और देश के व्यापक बाजार में मौजूद संभावनाओं पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की यह प्रगति यहां के निवासियों की आकांक्षाओं, उद्यमशीलता, कुशल प्रतिभा और विशाल बाजार अवसरों का परिणाम है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को एक नए आयाम तक ले जाने के लिए दोनों देश निरंतर प्रयासरत हैं।

यात्रा के दौरान, वाणिज्य मंत्री ने कनाडा के नेतृत्व से भेंट कर द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के शीघ्र निष्पादन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संदेश साझा करते हुए हालिया भारत यात्रा के दौरान बनी आपसी समझ और विश्वास को एक नई गति के रूप में वर्णित किया।
वाणिज्य मंत्री की यह तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में आई चुनौतियों के बाद, यह यात्रा आर्थिक और राजनीतिक साझेदारी को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। भारतीय प्रवासियों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था और संस्कृति के क्षेत्रों में दोनों देशों को जोड़ने में प्रवासी भारतीयों का योगदान अद्वितीय है।















