भोपाल, 27 मई ।
राजधानी में सोशल मीडिया के जरिए धार्मिक, सामाजिक और जातिगत वैमनस्य फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भोपाल पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नरेट ने भड़काऊ पोस्ट, संदेश, फोटो, वीडियो और ऑडियो प्रसारित करने पर प्रतिबंध लगाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
पुलिस आयुक्त संजय कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया माध्यमों का दुरुपयोग कर धार्मिक भावनाएं भड़काने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और समुदायों के बीच तनाव फैलाने की आशंका बनी रहती है। कानून व्यवस्था और लोकशांति प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति धार्मिक, सामाजिक अथवा जातिगत विद्वेष फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो या ऑडियो प्रसारित नहीं करेगा। ऐसे किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को लाइक, शेयर, कमेंट या फॉरवर्ड करने पर भी रोक लगाई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया समूहों के एडमिन की भी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वे अपने समूहों में इस तरह की सामग्री के प्रसार को रोकें।
इसके साथ ही अफवाह फैलाने, भ्रामक जानकारी साझा करने या लोगों को गैरकानूनी गतिविधियों के लिए एकत्रित करने वाले संदेशों के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। साइबर कैफे संचालकों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब बिना वैध पहचान पत्र किसी को साइबर कैफे का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा। संचालकों को आने-जाने वालों का रिकॉर्ड रखना और वेब कैमरा व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
भोपाल पुलिस के मुताबिक यह आदेश अगले दो माह तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 सहित अन्य प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।












