गुप्तकाशी, 29 मई।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुप्तकाशी से सोनप्रयाग के बीच पहाड़ियों से गिरते 'लूज बोल्डर' और 'नेगेटिव स्लोप' यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। हाल ही में सोनप्रयाग क्षेत्र में पत्थर गिरने से हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद मार्ग की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के बाद कई स्थानों पर पहाड़ियां अस्थिर हैं, जहां हल्की बारिश या कंपन से बड़े भूस्खलन का खतरा बना रहता है। एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने जानकारी दी कि वर्ष 2020-21 के सर्वेक्षण में चार से पांच किलोमीटर के दायरे में कई नेगेटिव स्लोप पाए गए थे। आईआईटी रुड़की और टीएचडीसी की टीम ने इन क्षेत्रों को अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया है।
प्रशासन और विभाग ने अब तक इस मार्ग पर 46 'डेंजर जोन' चिन्हित किए हैं, जहां सिंकिंग, स्लाइडिंग और रोलिंग का खतरा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 11 स्थानों पर सुरक्षा कार्य पूरा हो चुका है, 10 स्थानों पर काम जारी है, जबकि शेष स्थानों के लिए टेंडर और डीपीआर की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि इन संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी अब ड्रोन के माध्यम से की जाएगी और जहां भी संभव होगा, इन चट्टानों को सुरक्षात्मक तरीके से मैनुअली हटाया जाएगा।












