रुद्रप्रयाग, 06 जून।
उत्तराखंड के ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज मंत्री भरत सिंह चौधरी ने प्रकृति संरक्षण और गुरु-शिष्य परंपरा का अनूठा संगम करते हुए एक प्रेरणादायक पहल की शुरुआत की है। शनिवार को रुद्रप्रयाग के तल्ला नागपुर स्थित क्वीली गांव में उन्होंने "एक पेड़ गुरु के नाम" अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अभियान की शुरुआत उन्होंने अपने प्राथमिक गुरु पंडित पूर्णानंद पुरोहित के जन्मस्थल से की।
गुरु पूर्णानंद पुरोहित की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री चौधरी ने उन्हें ब्रह्मकमल और भोजपत्र की माला भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद, उन्होंने गुरु के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा अर्पित करने के उद्देश्य से उनके चरणों के समीप चंदन का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन ही उन्हें जनसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व पर्यावरण दिवस से हरेला पर्व तक चलने वाला यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना से जोड़ना भी है।
इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों ने इसे समाज के लिए एक बड़ा संदेश बताया। मंत्री ने प्रदेश के सभी पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंगल दलों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाएं, ताकि इसे एक व्यापक और प्रभावी अभियान का स्वरूप दिया जा सके।












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