बलौदाबाजार, 06 जून।
बारनवापारा अभयारण्य में सफारी मार्गों के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है और वहां के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। वनमंडल अधिकारी ने इस संबंध में चल रही चर्चाओं पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि अभयारण्य के भीतर निर्धारित नियमों का किसी भी स्तर पर उल्लंघन नहीं हुआ है।
प्रकरण के अनुसार, कसडोल नगर पंचायत अध्यक्ष नागेश्वर साहू और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रामशरण यादव 28 मई को निजी कार्यवश ठाकुरदिया बैरियर होते हुए बारनवापारा पहुंचे थे। शाम करीब 7:30 बजे उन्होंने वहां समिति द्वारा संचालित कैंटीन में भोजन किया और वापस अपने निवास के लिए निकल गए। वापसी के दौरान रास्ते में वन्यजीव दिखने पर उन्होंने उत्सुकतावश उसका वीडियो बनाया था।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभयारण्य के मध्य में बार सहित कुल 19 गांव स्थित हैं, जहां स्थानीय निवासियों का आना-जाना स्वाभाविक है। चूंकि बार गांव अभयारण्य के केंद्र में है, इसलिए वहां से गुजरते समय जंगली जानवरों का दिखना एक सामान्य प्रक्रिया है। इस दौरान उन्होंने सफारी मार्गों का नहीं, बल्कि मुख्य मार्ग का ही उपयोग किया था।
जांच में यह पाया गया है कि इस आवागमन के दौरान किसी भी वन्यजीव को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। विभाग ने जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा नियमों के विरुद्ध कोई कार्य नहीं किया गया है और केवल निर्धारित मुख्य मार्ग का ही प्रयोग किया गया था।








