उत्तर प्रदेश, 29 मई ।
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने ईंधन बचत और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपने कर्मचारियों के साथ ई-रिक्शा में सवार होकर विधानसभा पहुंचे। इससे पहले भी वे साइकिल और मोटरसाइकिल के माध्यम से विधानसभा आ चुके हैं।
मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग सीमित किया जाए और आवश्यकतानुसार ही इसका उपभोग किया जाए।
उन्होंने बताया कि वे सप्ताह में एक दिन इलेक्ट्रिक वाहन से ही कार्यालय आएंगे और उसी माध्यम से वापसी भी करेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील के अनुरूप लिया गया है और इसका पालन आवश्यक है।
सुरेश खन्ना ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए सभी पक्षों को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए, ताकि वैश्विक अस्थिरता से बचा जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इस समय अपने नेतृत्व के साथ खड़ा रहे और उनके संदेश का सम्मान करते हुए सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोल और डीजल की बचत अवश्य करे।
इससे पहले 21 मई को वे बाइक से विधानसभा पहुंचे थे और उस समय उन्होंने कहा था कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण तेल पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता है तथा नेतृत्व की अपील का पालन किया जाना चाहिए।
14 मई को वे साइकिल से कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने ईंधन संरक्षण को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा था कि देश की बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा पेट्रोलियम आयात पर खर्च होती है और मौजूदा वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।











