नई दिल्ली, 29 मई ।
भारत ने कहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़े मामलों का निपटारा पूरी तरह कानून के अनुसार किया जाएगा और इस प्रक्रिया के तहत 2680 व्यक्तियों की नागरिकता सत्यापन के लिए बांग्लादेश को भेजी गई है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक होने पर प्रत्यर्पण की कार्रवाई की जाएगी। कई मामले पिछले पांच वर्षों से लंबित हैं, जिन पर बांग्लादेश से तेज कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
मंत्रालय के अनुसार भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध रूप से रह रहे व्यक्तियों की वापसी को लेकर एक तय व्यवस्था मौजूद है, जिसके तहत ऐसे मामलों का समाधान किया जा सकता है।
इसी दौरान विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि इबोला प्रभावित अफ्रीकी देश युगांडा को भारत की ओर से औषधियों की खेप भेजी गई है और भारत इस स्वास्थ्य आपात स्थिति में अफ्रीकी देशों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया गया कि म्यांमार के राष्ट्रपति 30 मई से 2 जून तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे, जिसके दौरान वे बोधगया और मुंबई का दौरा भी करेंगे तथा दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और संपर्क सुविधाओं पर चर्चा की जाएगी।











