चंडीगढ़, 29 मई ।
पंजाब के 102 शहरी निकायों के चुनाव परिणाम शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई। अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले इन चुनावों को सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय निकाय चुनावों को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के लिए राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पार्टी राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखने की तैयारी में जुटी है। दूसरी ओर कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल भी इन परिणामों पर नजर बनाए हुए हैं।
राज्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, निकाय चुनाव में कुल 63.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। 102 नगर निकायों में कुल 22 लाख 38 हजार 241 मत पड़े। चुनाव प्रक्रिया 1,897 वार्डों और 3,833 मतदान केंद्रों पर संपन्न हुई।
आंकड़ों के मुताबिक नगर पंचायतों में सबसे अधिक 76.18 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि नगर परिषदों में 65.06 प्रतिशत और नगर निगमों में 59.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव मैदान में कुल 7,554 उम्मीदवार उतरे थे।
मतदान के दौरान कई स्थानों पर हिंसा, झड़प और बूथ कब्जाने के आरोप भी सामने आए। रायकोट में कांग्रेस प्रत्याशी जगदेव सिंह जग्गा पर धारदार हथियारों से हमला किए जाने की घटना में वह घायल हो गए। वहीं बरनाला, गिद्दड़बाहा, समाना, मजीठा और मौर मंडी में भी विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच तनाव और टकराव की घटनाएं सामने आईं।
शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए, साथ ही बूथ कब्जाने और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगाए। हालांकि प्रशासन ने कई आरोपों को खारिज किया है।
मोहाली में पूर्व उप महापौर कुलजीत सिंह बेदी ने मतपत्रों की गोपनीयता भंग होने का आरोप लगाते हुए पुनर्मतदान की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि मतपत्र और काउंटरफॉइल पर समान क्रमांक होने से मतदाता की पहचान उजागर होने की आशंका बनी रही।





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