नई दिल्ली, 04 जून।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 5 जून को गुजरात और दमन के दौरे पर रहेंगे, जहां वे कुल 21,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।
इनमें सूरत में लगभग 18,800 करोड़ रुपये और दमन में करीब 2,970 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं, जबकि लक्षद्वीप के लिए 885 करोड़ रुपये की बंदरगाह परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम मोदी दोपहर लगभग 2:30 बजे सूरत जिले के हजीरा पहुंचेंगे, जहां वे चल रही औद्योगिक गतिविधियों और आधारभूत ढांचे की समीक्षा करेंगे।
इसके बाद वे सड़क, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
सूरत में वडोदरा-मुंबई आठ लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के पैकेज-6 और 7 को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के कुछ हिस्सों को चार लेन करने की परियोजना की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच आसान बनेगी।
इसी दौरान 200 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के साथ केंद्रीय प्रयोगशाला और 24 घंटे आपातकालीन व ट्रॉमा सुविधा उपलब्ध होगी।
साथ ही गुजरात की अंतरराज्यीय विद्युत पारेषण प्रणाली के विस्तार का भी शुभारंभ होगा। वलसाड में बिजली वितरण प्रणाली के उन्नयन, दहेज पेट्रोकेमिकल क्षेत्र, सरीगाम औद्योगिक क्षेत्र में अपशिष्ट प्रबंधन ढांचा और जंबूसर बल्क ड्रग पार्क की सुविधाओं का भी उद्घाटन होगा।
इसके बाद प्रधानमंत्री दमन जाएंगे, जहां शाम लगभग 6:15 बजे नए हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन और नमो अस्पताल का लोकार्पण करेंगे।
दमन में कुल लगभग 2,970 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को समर्पित किया जाएगा, जिनमें करीब 1,340 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि लगभग 1,630 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।
दमन में नया टर्मिनल क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करेगा, जबकि नमो अस्पताल प्रतिदिन लगभग 1,500 मरीजों को बाह्य सेवाएं देने में सक्षम होगा।
इसके अलावा आइकॉनिक ब्रिज, कन्वेंशन सेंटर और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान परिसर जैसी परियोजनाओं से पर्यटन, रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लक्षद्वीप के लिए 885 करोड़ रुपये की चार बंदरगाह परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी, जिनमें कल्पेनी और कदमत द्वीपों के पूर्वी व पश्चिमी तटों पर बहुउद्देशीय जेटियों का विकास शामिल है।
इन सुविधाओं से 300 मीटर तक लंबे क्रूज और यात्री जहाजों का वर्षभर संचालन संभव होगा, साथ ही यात्री-कार्गो प्रबंधन, मत्स्य प्रसंस्करण, ईंधन आपूर्ति और नौका मरम्मत जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।









