नई दिल्ली, 03 जून ।
केंद्र सरकार ने देश के चार राज्यों मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और बिहार में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं पर लगभग चौबीस हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे सड़क संपर्क व्यवस्था के साथ-साथ औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में इन परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।
मध्य प्रदेश में एनएच-347बी के विभिन्न खंडों के उन्नयन और चौड़ीकरण को मंजूरी दी गई है, जिसमें मौजूदा मार्ग को दो लेन तथा चार लेन में परिवर्तित किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत एक ग्रीनफील्ड बायपास भी विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय यातायात को राहत मिलेगी।
ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक लंबी तटीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे तटीय संपर्क बेहतर होगा और बंदरगाह आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना से कई आर्थिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को जोड़ा जाएगा तथा यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग के दो प्रमुख खंडों को चार लेन में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में यातायात क्षमता बढ़ेगी और माल परिवहन अधिक सुगम होगा। साथ ही विभिन्न शहरों के बीच यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
बिहार में एनएच-31 और एनएच-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड को चार लेन में विकसित करने की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत ग्रीनफील्ड बायपास का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे उत्तर-पूर्वी बिहार में सड़क संपर्क मजबूत होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से देश के विभिन्न हिस्सों में सड़क अवसंरचना मजबूत होगी, यातायात सुगम बनेगा और आर्थिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।











