सूरत, 05 जून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजाक उड़ाने वाले वही लोग हैं जिन्होंने लंबे समय तक देश को दूसरे देशों पर निर्भर बनाए रखा और आज भी भारत के संकल्पों को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
सूरत में विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि आज दुनिया अभूतपूर्व वैश्विक चुनौतियों से गुजर रही है, जिनमें कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के बावजूद भारत ने 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से इन परिस्थितियों का मजबूती से सामना किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और पिछले वर्षों में भारत ने इस दिशा में उल्लेखनीय क्षमता विकसित की है।
उन्होंने बताया कि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 250 गीगावाट तक पहुंच चुकी है, जिसमें गुजरात का योगदान महत्वपूर्ण है और यह देश की हरित ऊर्जा का बड़ा हिस्सा प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अब देश ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे भविष्य के ऊर्जा क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है और गुजरात इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हजीरा को एक बड़े समुद्री औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
उन्होंने कनेक्टिविटी परियोजनाओं जैसे एक्सप्रेस-वे, फ्रेट कॉरिडोर और बुलेट ट्रेन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता विकास को प्राथमिकता देने वाली सरकार के साथ खड़ी है और हाल के विभिन्न चुनावों में जनता ने इसका स्पष्ट संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों और स्थानीय निकाय चुनावों में जनता ने नकारात्मक राजनीति को खारिज किया है और विकास आधारित शासन को समर्थन दिया है।
गुजरात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले ढाई दशकों से जनता का समर्थन लगातार मिल रहा है और हाल के चुनावों में भाजपा ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
उन्होंने सूरत की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह केवल एक शहर नहीं बल्कि एक ऊर्जा और विकास की भावना का प्रतीक है, जिसने स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में उदाहरण प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सूरत में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे यह शहर देश में एक मॉडल के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि भारत हरित भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और गुजरात ने इस दिशा में शुरुआती समय में ही महत्वपूर्ण पहल की थी, जिसमें सोलर पार्क जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि विकास, नवाचार, हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता के बल पर भारत आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।




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