धर्मशाला, 5 जून ।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला शुद्ध मतदाता सूची होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में अनुपस्थित, मृत, डुप्लिकेट या विदेशी नागरिकों के नाम के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए, वहीं सभी पात्र भारतीय नागरिकों का नाम सूची में शामिल होना अनिवार्य है।
शुक्रवार को धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि जो नागरिक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र में निवास करते हैं, उनका नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति को सूची में स्थान न मिले।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश और हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए मतदान के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव है और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में प्रत्येक मतदाता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से हर चुनाव में मतदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि वह चुनाव आयोग की समीक्षा प्रक्रिया के तहत विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश पहुंचे हैं। इस दौरान उन्हें राज्य निर्वाचन अधिकारियों, राज्य चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों तथा बूथ स्तर के अधिकारियों के साथ संवाद का अवसर मिला। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, विशेषकर कांगड़ा और धर्मशाला क्षेत्र के विभिन्न स्थलों का भी भ्रमण किया।
अपने दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने एचपीसीए स्टेडियम से मतदाता जागरूकता साइकिल रैली ‘पेडल फॉर डेमोक्रेसी’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली का उद्देश्य युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर ज्ञानेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने युवाओं से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने, मतदान का अधिकार प्रयोग करने और अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
रैली में बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी, खेल प्रेमी और एसएसबी के जवान शामिल हुए। कार्यक्रम के माध्यम से लोकतांत्रिक भागीदारी और मतदाता जागरूकता का संदेश दिया गया।








.jpg)






