दंतेवाड़ा, 14 अप्रैल।
जिले में म्यूल खातों की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े एक संगठित गिरोह का साइबर सेल और विभिन्न थानों की संयुक्त टीम ने खुलासा करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तकनीकी जांच, वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण और साइबर फॉरेंसिक साधनों की सहायता से की गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में अर्चित गुजराती (20 वर्ष), आदिल हुसैन (24 वर्ष), अमित वर्मा (21 वर्ष) तथा भूपेन्द्र जांगीड (23 वर्ष) शामिल हैं, जिन्हें जोधपुर से पकड़ा गया। आरोपितों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और 1,18,500 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। जांच के दौरान इनकी लोकेशन राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से नागौर में पाई गई, जिसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंचकर कार्रवाई की और आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर दंतेवाड़ा लाया गया।
जांच में यह सामने आया कि आरोपित अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का उपयोग कर मैसेजिंग एप के जरिए खाते संचालित करते थे और सैकड़ों बैंक खातों की अवैध खरीद-बिक्री करते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की राशि को इधर-उधर करने में किया जाता था, जिससे लेनदेन की निगरानी कठिन हो जाती थी।
गिरोह साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को इन खातों में जमा कर उच्च लेनदेन स्वीकृत डेबिट कार्ड के माध्यम से विदेशों के एटीएम से नकद निकासी करता था, जिससे पूरी प्रक्रिया को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था। आरोपितों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में 20 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। इस कार्रवाई में पुलिस अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









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