नई दिल्ली, 14 अप्रैल
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के बीच कथित मिलीभगत से जुड़े मामलों में देशभर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर जांच एजेंसी ने 22 नए प्रकरण दर्ज करते हुए मंगलवार को आठ राज्यों में फैले कुल 77 ठिकानों पर एक साथ व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी अभियान के दौरान कई स्थानों से आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई है, जिनकी गहन जांच की जा रही है। यह मामले उन आरोपों से संबंधित हैं जिनमें कुछ बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों पर आम गृह खरीदारों को धोखा देने और ठगने के गंभीर आरोप लगे हैं।
जांच एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई कथित धन के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़े स्तर पर हुई धोखाधड़ी की साजिश को उजागर करने के उद्देश्य से की गई है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर 28 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जो अंतिम चरण में हैं, जबकि अब तक कुल 50 प्रकरण पंजीकृत हो चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार यह छापेमारी दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी सहित आठ राज्यों में कई स्थानों पर एक साथ की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर जांच सामग्री जुटाई गई है।




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