पटना, 14 अप्रैल।
बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में मौजूदा सरकार को भंग करने की अनुशंसा सर्वसम्मति से कर दी गई। करीब 20 मिनट चली इस बैठक में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सरकार के औपचारिक अंत का मार्ग प्रशस्त कर दिया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रियों को संबोधित करते हुए भावुक माहौल में कहा कि वे दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन वहां से भी बिहार की स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे। उन्होंने सभी मंत्रियों के सहयोग और कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए सरकार भंग करने की घोषणा की, जिसके बाद बैठक का वातावरण भावनात्मक हो गया।
बैठक समाप्त होने के बाद मंत्री लखेंद्र पासवान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस क्षण को भावुक बताते हुए सभी मंत्रियों को बेहतर कार्य के लिए प्रेरित किया और कहा कि बिहार को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सभी की है।
इसी तरह मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह समय भावनात्मक था और मुख्यमंत्री ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने लगभग दो दशकों तक राज्य के विकास के लिए कार्य किया है और अब वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने जा रहे हैं।
मंत्री लेसी सिंह ने भी इस अवसर को गर्व और भावुकता से भरा क्षण बताया और कहा कि इतने लंबे समय तक ऐसे नेतृत्व के साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही।
कैबिनेट भंग होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दोपहर 3:15 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इस बीच राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने विधायक दल की अहम बैठक बुलाई है, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे। साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पटना पहुंचने की सूचना है।
राजनीतिक हलकों में अब नई सरकार के गठन और संभावित शपथ ग्रहण को लेकर तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।




.jpg)




.jpg)


