25 मार्च, भागलपुर।
भागलपुर जिले में बुधवार को चार दिवसीय चैती छठ महापर्व का समापन हुआ। सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रतियों ने 36 घंटे के कठिन निर्जला उपवास का अंत किया। भागलपुर और नवगछिया, कहलगांव, पीरपैंती तथा सुल्तानगंज के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जिन्होंने अपने परिवारों की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की।
बरारी घाट, कुप्पाघाट, सीढ़ी घाट सहित अन्य घाटों पर प्रशासन ने सुरक्षा, साफ-सफाई और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की थी। घाटों तक न पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं ने अपने आंगन या छत पर कृत्रिम तालाब बनाकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया।
व्रतियों ने बांस के बने सूप और दउरा में ठेकुआ, फल, गन्ना और अन्य प्रसाद अर्पित किए। सबौर प्रखंड के मीराचक, बाबूपुर और अन्य घाटों पर भी श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि पूजा-अर्चना के दौरान सभी को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण प्राप्त हो।
चैती छठ पर्व अपनी पवित्रता, अनुशासन और सादगी के लिए जाना जाता है। व्रतियों ने पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ सूर्य देव और छठी मईया की पूजा की। पारण के समय व्रती पहले भगवान को प्रसाद अर्पित कर स्वयं ग्रहण करते हैं, जिससे यह पर्व परिवार और समाज में आपसी सहभागिता का प्रतीक बनता है












