मैहर, 22 अप्रैल
मध्यप्रदेश के मैहर जिले में फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जबकि प्रशासन ने नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन कुछ किसान इसे नजरअंदाज करते हुए खेतों में आग लगा रहे हैं। इससे बड़े हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन की चिंता और भी बढ़ गई है।
जिले में प्रतिदिन 10 से 12 स्थानों पर नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं के कारण पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें परेशान हो रही हैं, और उन्हें इन स्थानों पर त्वरित कार्यवाही करने में कठिनाई हो रही है। नरवाई में आग लगने से आसपास की गेहूं की फसल, ग्रामीण बस्तियां और अन्य संपत्तियां जलने का खतरा रहता है। इसके साथ ही, इस आग से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदेह है।
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस मुद्दे पर जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि नरवाई जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन ने इस पर पहले ही प्रतिबंध लगाया हुआ है और जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है, फिर भी कुछ किसान जल्द खेतों को खाली करने के उद्देश्य से इस रास्ते का सहारा ले रहे हैं।
कुछ किसानों ने नरवाई जलाने के बाद गेहूं की फसल जलने का आरोप लगाते हुए मुआवजे की भी मांग की है। प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है और इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।








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