नई दिल्ली, 08 मई।
मध्य प्रदेश में निर्माणाधीन इंदौर–खंडवा राष्ट्रीय राजमार्ग के तेजाजी नगर–बलवाड़ा खंड में चार लेन सड़क और तीन सुरंगों का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ते हुए लगभग 88 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस परियोजना को इसी वर्ष यातायात के लिए खोलने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
इस परियोजना के शुरू होने के बाद घाटी क्षेत्रों में यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और लोगों को मात्र लगभग एक घंटे में आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही सड़क हादसों में भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
तीन प्रमुख सुरंगों का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जिनमें भेरूघाट, बैग्राम और चोरल घाट क्षेत्र की सुरंगें शामिल हैं। इन सुरंगों के पूर्ण होने से घाटी मार्गों पर मौजूद जोखिम वाले स्थानों की समस्या स्थायी रूप से कम होगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा।
स्थानीय किसानों और वाहन चालकों का कहना है कि पहले माल ढुलाई और यात्रा दोनों ही कठिन और जोखिमपूर्ण हुआ करती थीं, लेकिन नई चार लेन सड़क और सुरंगों के बाद जाम की समस्या और दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक समाप्त हो जाएगा।
परियोजना पर लगभग नौ सौ चौबीस करोड़ रुपये से अधिक की लागत आ रही है और इसके पूरा होने के बाद इंदौर से ओंकारेश्वर तक की यात्रा अवधि दो से तीन घंटे से घटकर लगभग एक घंटे रह जाएगी।
इस पूरे कॉरिडोर में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी विकसित की जा रही हैं, जिनमें जल निकासी प्रणाली, क्रैश बैरियर, सड़क सुरक्षा संकेत, वर्षा जल प्रबंधन और वृक्षारोपण जैसे पर्यावरणीय उपाय शामिल हैं। इससे यह मार्ग न केवल धार्मिक यात्राओं बल्कि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।



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