काठमांडू, 01 मई
नेपाल सरकार ने काठमांडू में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत शुक्रवार को टेकु और बंशीघाट क्षेत्र में बागमती नदी के किनारे बसी भूमिहीन बस्तियों को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया। सुबह से ही इस क्षेत्र में बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और सार्वजनिक भूमि पर बनाए गए अवैध ढांचों को एक-एक कर ध्वस्त किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के खतरे को कम करना और शहरी व्यवस्था को पुनः सुव्यवस्थित करना है। नदी किनारों पर अवैध रूप से बनी बस्तियों को हटाकर सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना इस व्यापक अभियान का अभिन्न हिस्सा है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक एवं सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया वास्तविक भूमिहीनों की पहचान और उनके सुरक्षित पुनर्वास के पश्चात ही आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार ने भूमिहीन परिवारों को आश्वस्त किया है कि उनकी समस्याओं और चिंताओं को ध्यान में रखा जा रहा है और उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
आगामी मानसून की दृष्टि से सरकार ने 25 अप्रैल से काठमांडू घाटी में बागमती नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे स्थित बाढ़ एवं डूबान के उच्च जोखिम वाली बस्तियों को लक्षित करते हुए यह विशेष अभियान प्रारंभ किया है। जनजीवन और संपत्ति की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने थापाथली, शांतिनगर, गैरीगाउं तथा कागेश्वरी मनोहरा नगरपालिका के गोठाटार बुद्धचोक और मनोहरा क्षेत्रों की जोखिमग्रस्त बस्तियों को पहले ही खाली करा दिया है।












