भोपाल, 16 मई।
मध्यप्रदेश पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 15 दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया। यह अभियान 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में पुलिस परिवहन शोध संस्थान, पुलिस मुख्यालय भोपाल के नेतृत्व में चलाया गया।
अभियान का मुख्य फोकस दोपहिया वाहन चालकों, विशेषकर युवाओं और महिला चालकों में हेलमेट के उपयोग को लेकर जागरूकता फैलाना तथा यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना रहा। इसके तहत सभी जिलों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, औद्योगिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस अधिकारियों और यातायात अमले ने नागरिकों को हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, सड़क सुरक्षा के महत्व और नियमों के पालन से होने वाले लाभों की जानकारी दी। युवाओं को यह संदेश दिया गया कि हेलमेट केवल कानूनी आवश्यकता नहीं बल्कि जीवन रक्षा का महत्वपूर्ण साधन है।
अभियान के दौरान हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों पर सघन कार्रवाई की गई। इस अवधि में कुल 97 हजार से अधिक चालान बनाए गए और लगभग 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की शमन शुल्क राशि वसूली गई। गंभीर उल्लंघनों के मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई हेतु हजारों प्रकरण परिवहन विभाग को भेजे गए।
प्रदेश के सभी जिलों ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई, जिनमें इंदौर शहर, रीवा और मैहर का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। पुलिस ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सुरक्षित और अनुशासित सड़क व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।









