भोपाल, 27 अप्रैल।
मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को “नारी शक्ति वंदन” विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें संसद में महिलाओं को आरक्षण देने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। यह विशेष सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है—पहला 11 बजे से 1:30 बजे तक तथा दूसरा 3 बजे से 5:30 बजे तक, जिसमें प्रत्येक दल के 10 विधायक अपनी बात रखेंगे।
सत्र से पहले कांग्रेस नेताओं ने मीडिया के सामने अपनी राय रखी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस विशेष सत्र को अनावश्यक खर्च बताया और कहा कि यदि केवल निंदा प्रस्ताव तक सीमित रहना है तो यह जनधन की बर्बादी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर लागू होना चाहिए।
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि क्या भारतीय जनता पार्टी वास्तव में महिलाओं को अधिकार देना चाहती है या केवल औपचारिकता और दिखावे तक सीमित रहना चाहती है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में आज यह स्पष्ट हो जाएगा कि वास्तविकता क्या है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार को वर्ष 2023 में संसद से पारित बहुमत के अनुसार महिला आरक्षण को लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मध्यप्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर 2028 चुनाव में महिला आरक्षण लागू किया जाता है तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। इसी तरह 2029 के लोकसभा चुनाव में सभी 543 सीटों पर यह लागू होने पर भी कांग्रेस समर्थन देगी।
उन्होंने भाजपा पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश को पुरुष और महिला के आधार पर बांटने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान सरकार महिला आरक्षण लागू करती है तो कांग्रेस समर्थन देगी, अन्यथा आने वाले चुनाव में बदलाव के बाद इसे लागू किया जाएगा।










