पूर्वी सिंहभूम, 06 मई।
पूर्वी सिंहभूम के मानगो थाना क्षेत्र में संपत्ति विवाद को लेकर 84 वर्षीय बुजुर्ग शदरुल आलम के साथ हुई मारपीट का मामला अब न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच गया है। मामले में लंबे समय तक पुलिस स्तर पर कार्रवाई न होने के बाद पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
न्यायिक दंडाधिकारी एस. तिग्गा की अदालत ने बीएनएसएस की धारा 175 के तहत मानगो थाना को प्रकरण दर्ज करने का निर्देश दिया था। आदेश के अनुपालन में थाना प्रभारी ने बुधवार को संबंधित मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पीड़ित शदरुल आलम ने अपने तीन बेटों रुस्तम आलम, मोहम्मद सलीमुद्दीन और शेख अमजद अली के साथ बहू शाहीन फातमा तथा दो पोतों फैसल हुसैन और एहतेशाम आलम को आरोपित बनाया है। शिकायत में कहा गया है कि दो दिसंबर को सभी ने मिलकर बुजुर्ग के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इसी दौरान बचाव के लिए पहुंची उनकी बेटी सायदा खातून के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
आरोप है कि शदरुल आलम ने पहले ही अपने बेटों को आवास और दुकान दे दी थी, जिसके बाद वे पत्नी के साथ अलग रहने लगे थे। इसके बावजूद शेख अमजद अली और उसकी पत्नी उनके पास आकर रहने लगे और लगातार उत्पीड़न करते रहे। घर खाली करने के दबाव को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके दौरान परिवार के अन्य सदस्यों पर जबरन हस्ताक्षर कराने और विरोध करने पर मारपीट का आरोप लगाया गया है।
घटना में घायल बुजुर्ग का उपचार टाटा मेन हॉस्पिटल में कराया गया था। पहले स्थानीय थाना और फिर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले से जुड़े सभी आरोपों की जांच की जा रही है और उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






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