बलरामपुर, 14 अप्रैल।
महराजगंज तराई क्षेत्र में सोमवार को हुए कथित सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है, जहां पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी, जिसे हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया था और इस मामले में विवाहिता सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार घटना में मारे गए दोनों युवक, जिनमें दीपचंद उर्फ छोटू और उसका मित्र मनोज शामिल थे, की मौत को पहले सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सीडीआर और साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि यह पूरी वारदात हत्या की साजिश के तहत अंजाम दी गई थी।
वादी प्रमोद द्वारा 13 अप्रैल को दी गई तहरीर में बताया गया था कि उसके भाई मनोज और पड़ोसी दीपचंद की मौत सड़क हादसे में हुई है, जिसके आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी, लेकिन 14 अप्रैल को जांच के दौरान मिले तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार पूछताछ में विवाहिता खुशबू वर्मा ने स्वीकार किया कि उसका दीपचंद उर्फ छोटू से विवाह से पहले प्रेम संबंध था, जो शादी के बाद भी जारी रहा, जिसके कारण पारिवारिक तनाव बढ़ गया था और दीपचंद के पास उसकी पुरानी तस्वीरें होने से वह उसे दबाव में रखता था, जिससे परेशान होकर उसने अपने पति, भाई और चचेरे भाई के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
योजना के तहत दोनों युवकों को गांव के बाहर बुलाकर उनकी हत्या की गई और बाद में शवों को मोटरसाइकिल पर रखकर लौकहवा के सेवरहवा नाले के पास फेंक दिया गया ताकि इसे सड़क दुर्घटना का रूप दिया जा सके, जबकि पुलिस ने घटना स्थल से मोबाइल का टूटा हिस्सा, एक माला और मोटरसाइकिल बरामद की है और चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजने की कार्रवाई की जा रही है।









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