नई दिल्ली, 26 मई ।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को देश के पिछले एक दशक से अधिक समय में हुए विकास और प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने गरीबी उन्मूलन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याण योजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने उपराष्ट्रपति के संदेश को साझा करते हुए कहा कि अमृतकाल की ओर बढ़ते भारत में सरकार की नीतियों का लाभ विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं और किसानों तक पहुंच रहा है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में प्रयास जारी हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्षों में भारत की प्रगति ने विश्व का ध्यान आकर्षित किया है और देश अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने विभिन्न जनकल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि करोड़ों लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, स्वच्छता अभियान से बड़े स्तर पर जीवन स्तर में सुधार हुआ है और जल जीवन मिशन के तहत लाखों घरों तक पाइप से पानी पहुंचा है।
उन्होंने गरीब कल्याण अन्न योजना और आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए कहा कि इन योजनाओं से करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है और स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत हुई है।
किसानों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व के प्रमुख खाद्य उत्पादक देशों में शामिल है, वहीं महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है और बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनी हैं।
उपराष्ट्रपति ने चेनाब रेल पुल जैसे बुनियादी ढांचे के विकास को आधुनिक भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का उदाहरण बताया और दूरदराज क्षेत्रों में सड़कों एवं कनेक्टिविटी के विस्तार की भी सराहना की।
उन्होंने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने में मदद मिली है।
अंत में उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नागरिकों से सामूहिक प्रयास और निरंतर परिश्रम का आह्वान किया।















