गुवाहाटी, 19 फ़रवरी।
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि बीते 4 फरवरी को बंगाईगांव जिला में तबलीगी जमात के लोगों पर किसी भी तरह का उग्रवादी हमला नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र के अंतिम दिन विधायक अमिनूल इस्लाम (जेष्ठ) के सवाल के जवाब में बताया कि 29 जनवरी को 11 लोग दो रिक्शा में न्यू बंगाईगांव रेलवे स्टेशन से बरपेटा जिला के कलगछिया थाना क्षेत्र जा रहे थे। राहगीरों ने उनके व्यवहार और चेहरे को संदिग्ध समझकर उन्हें अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिया समझ लिया और रोका। सभी 11 लोग अपना पहचान पत्र नहीं दिखा पाए।
घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। किसी अप्रिय घटना की संभावना नहीं बनी। बाद में सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और उन्हें सुरक्षित घर भेज दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह घटना किसी तरह के जानबूझकर हमले या अपराधजनित बल प्रयोग की नहीं थी, बल्कि कुछ लोगों की शंका के कारण उत्पन्न हुई थी। इसलिए इस पर कोई फौजदारी कार्रवाई नहीं हुई।












