नई दिल्ली, 3 नवंबर।
केंद्र सरकार ने देश के नागरिक विमानन क्षेत्र के लिए नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। करीब नौ दशक पुराने विमान नियम, 1937 की जगह अब भारतीय वायुयान नियम, 2026 लागू होंगे। नए नियम अगले वर्ष 1 जनवरी से प्रभावी होंगे।
इन नियमों के जरिए विमानन क्षेत्र के विभिन्न कार्यों के लिए नया नियामक ढांचा तैयार किया गया है। इसमें विमानों का पंजीकरण, निर्माण, सुरक्षा प्रमाणन, रखरखाव, उड़ान संचालन, कर्मचारियों के लाइसेंस और हवाई अड्डों के संचालन से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
हवाई किराये तय करने में पारदर्शिता पर जोर
नए नियमों के तहत निर्धारित हवाई सेवाएं संचालित करने वाली विमानन कंपनियों को परिचालन लागत सहित विभिन्न कारकों के आधार पर किराया तय करना होगा। कंपनियों को किराये से संबंधित जानकारी नागरिक विमानन महानिदेशालय के पास जमा करानी होगी।
सरकार को असाधारण परिस्थितियों में जनहित को ध्यान में रखते हुए हस्तक्षेप करने का अधिकार भी दिया गया है। यदि केंद्र को लगता है कि किसी विशेष स्थिति में कार्रवाई आवश्यक है, तो वह लिखित निर्देश जारी कर सकता है।
डिजिटल मंचों पर किराये की जानकारी देना अनिवार्य
नए प्रावधानों के अनुसार, विमानन कंपनियों को अपने आधिकारिक वेबसाइट और अन्य डिजिटल मंचों पर हवाई किराये की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। इससे यात्रियों को टिकट की कीमतों के बारे में अधिक पारदर्शिता मिलेगी।
नागरिक विमानन महानिदेशालय निर्धारित उड़ान सेवाएं संचालित करने वाली कंपनियों के किरायों की निगरानी जारी रखेगा।
नए नियमों में विमानों के पंजीकरण और प्रमाणन को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। इनके माध्यम से विमानन क्षेत्र में सुरक्षा, संचालन और नियामकीय व्यवस्था को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है।














