जौनपुर, 22 अप्रैल।
समाजवादी मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर नोएडा में जारी श्रमिक आंदोलन पर कथित दमन को रोकने और कानून का राज सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इस ज्ञापन कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय महासचिव अमित यादव ने किया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शासन-प्रशासन और औद्योगिक प्रबंधन की नीतियों के चलते श्रमिकों का शोषण लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण नोएडा में श्रमिकों का स्वतःस्फूर्त आंदोलन शुरू हुआ। इसके बाद सरकार की ओर से मजदूरी में आंशिक वृद्धि का निर्णय लिया गया, जिसकी अधिसूचना राज्यपाल के हस्ताक्षर से जारी भी हो चुकी है, लेकिन श्रमिकों को इसका वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर नहीं मिल पा रहा है।
अमित यादव ने कहा कि पिछले बीस वर्षों में बड़े पूंजी समूहों के हितों के कारण श्रमिक वर्ग की स्थिति लगातार कमजोर होती गई है। कई स्थानों पर श्रमिकों से कम मजदूरी पर स्थायी प्रकृति के कार्य कराए जा रहे हैं, जो नियमों के विपरीत है। साथ ही लंबे संघर्ष के बाद हासिल आठ घंटे के कार्य दिवस की व्यवस्था को दरकिनार कर कई जगह बारह घंटे तक काम कराया जा रहा है और साप्ताहिक अवकाश भी नहीं दिया जा रहा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मौजूदा महंगाई के दौर में श्रमिकों की आय परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं रह गई है। संगठन ने नई श्रम संहिताओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इनके माध्यम से श्रमिकों के पूर्व से प्राप्त अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है और फ्लोर लेवल वेज लागू कर न्यूनतम मजदूरी के अधिकार पर असर डाला जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल से मांग की कि श्रमिकों के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा सुनिश्चित की जाए और नोएडा आंदोलन में हो रहे कथित दमन को तत्काल रोका जाए। इस दौरान कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे और ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें दोहराईं।



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