भोपाल, 07 अप्रैल 2026।
भोपाल में साइबर क्राइम ब्रांच ने “ऑपरेशन FACE” के तहत बड़े पैमाने पर फर्जी सिम रैकेट का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक ही व्यक्ति के चेहरे पर सैकड़ों सिम कार्ड एक्टिव कर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की थी।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पीओएस एजेंट के रूप में कार्यरत थे और ग्राहकों के दस्तावेजों की कॉपी लेकर उनका दुरुपयोग कर रहे थे। उन्होंने फर्जी आईडी और अलग-अलग नाम-पते का इस्तेमाल करते हुए करीब 250 सिम कार्ड एक ही फोटो पर एक्टिव किए, जिनमें से 246 से अधिक सिम एक ही व्यक्ति के चेहरे पर जारी होने की पुष्टि हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेन्द्र यादव (34) निवासी जहांगीराबाद और मो. सैफ कुरैशी निवासी इतवारा रोड के रूप में हुई है। दोनों के पास से पुलिस ने 2 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड जब्त किए हैं, जबकि उनके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
मामले का खुलासा डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DOT) द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा और एआई आधारित Facial Recognition Tool की मदद से हुआ, जिसने एक ही चेहरे पर कई सिम एक्टिव होने की जानकारी प्रदान की। इस डेटा के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि सिम बेचने पर मिलने वाले इंसेंटिव के लालच में उन्होंने यह फर्जीवाड़ा किया। वे पुराने ग्राहकों के आधार और अन्य दस्तावेजों का उपयोग करके अपने एक साथी की फोटो पर फर्जी सिम एक्टिव कर बेचते थे।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन फर्जी सिम कार्डों का उपयोग कहीं साइबर अपराधों में तो नहीं हुआ। मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।













