मंदसौर, 21 अप्रैल।
मंदसौर जिले की प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा करने के लिए एक विशेष पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया और जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा पाटीदार सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री भूरिया ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन देश की महिलाओं को नीति-निर्धारण में 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है, लेकिन विपक्षी दलों का व्यवहार इस दिशा में हमेशा से बाधक रहा है।
प्रभारी मंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करना वास्तव में महिलाओं के अधिकारों के दमन जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने इस ऐतिहासिक विधेयक को केवल राजनीति के चश्मे से देखा और इसे पारित न होने देकर नारी शक्ति को उनके वाजिब हक से वंचित रखा। उन्होंने 'लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ' जैसे नारों को खोखला बताते हुए कहा कि वास्तविकता में ऐसे नारे देने वालों ने ही महिला आरक्षण का कड़ा विरोध किया है।
मंत्री भूरिया ने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा शासन में महिलाएं निर्णायक भूमिकाओं में हैं; प्रदेश के 17 जिलों में महिला कलेक्टर और 10 से अधिक जिलों में महिला एसपी अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और बताएगी कि किस तरह विपक्ष ने महिलाओं को अधिकार मिलने से रोका। मध्य प्रदेश में भी इस ऐतिहासिक कदम को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने की योजना है।
चर्चा के दौरान उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस की विचारधारा को महिला विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने सितंबर 2023 में केवल चुनाव के डर से समर्थन का दिखावा किया था, लेकिन जब वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की बात आई, तो कांग्रेस, सपा और टीएमसी जैसे दलों का असली चेहरा सामने आ गया। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की आधी आबादी इस अपमान का जवाब आने वाले समय में राजनीतिक दलों को सबक सिखाकर देगी।










