अनूपपुर, 11 मई।
नगर पालिका अनूपपुर से सेवानिवृत्त ग्रंथपाल रामनारायण पांडेय के मामले में उच्च न्यायालय जबलपुर ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि को जोड़कर पेंशन भुगतान करने का आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार रामनारायण पांडेय की नियुक्ति वर्ष 1988 में नगर पालिका अनूपपुर में ग्रंथपाल के रूप में हुई थी। वर्ष 2002 में उन्हें शासन के आदेशानुसार नियमित किया गया था। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पेंशन का लाभ केवल नियमित नियुक्ति तिथि से दिया जा रहा था, जबकि उनकी प्रारंभिक सेवा अवधि के 14 वर्षों को पेंशन में शामिल नहीं किया गया था।
इस संबंध में कई बार आवेदन और अनुरोध के बावजूद नगर पालिका द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद मामला उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रस्तुत किया गया। प्रारंभिक याचिका के बाद भी समाधान नहीं मिलने पर पुनः रिट याचिका दायर की गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तर्क रखा गया कि शासन के नियमों के अनुसार प्रथम नियुक्ति अवधि को सेवा में जोड़ा जाना चाहिए। न्यायालय ने सभी तथ्यों और पूर्व आदेशों का परीक्षण करने के बाद विस्तृत निर्णय सुनाते हुए आदेश दिया कि पेंशन का भुगतान प्रथम नियुक्ति तिथि को जोड़कर किया जाए।
इस आदेश के बाद सेवानिवृत्त ग्रंथपाल को उनकी पूरी सेवा अवधि का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत प्राप्त होगी।










