नई दिल्ली, 30 अप्रैल।
दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार आई-पैक के निदेशक विनेश चंदेल को नियमित जमानत दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जमानत का विरोध न किए जाने के बाद जारी किया और उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान विनेश चंदेल की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय को जमानत का विरोध करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन उसने कोई आपत्ति नहीं जताई। इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 45 की शर्तें लागू नहीं मानी गईं और अदालत ने जमानत मंजूर कर दी।
जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने चंदेल को गिरफ्तार करने के बाद 13 अप्रैल की देर रात अदालत में पेश किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में विनेश चंदेल की 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इस कंपनी की जांच मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत की जा रही है। इस मामले की शुरुआत दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी से हुई थी।
बताया जाता है कि जांच की कड़ी उस समय आगे बढ़ी जब आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की गई थी। आई-पैक तृणमूल कांग्रेस के चुनाव प्रचार से जुड़ा कार्य देख रही थी। इसी जांच के दौरान कथित कोयला घोटाले से जुड़े मामले में छापेमारी की गई थी।
जांच एजेंसी का यह भी आरोप है कि छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आई-पैक कार्यालय पहुंची थीं और कुछ दस्तावेज तथा डिजिटल साक्ष्य अपने साथ ले गई थीं, हालांकि इन आरोपों को बाद में खारिज किया गया था।






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