जामनगर, 11 मई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल का कम से कम उपयोग किया जाए और जहां संभव हो, मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस तथा सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी जाए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश ने जिस तरह कोरोना संकट का सामना एकजुट होकर किया था, उसी तरह मौजूदा चुनौतियों से भी बाहर निकला जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने वडोदरा में अपने संबोधन में कहा कि विदेश में रहने वाले भारतीय कम से कम पांच विदेशी मेहमानों को भारत घुमाने लेकर आएं, ताकि देश की संस्कृति और विविधता का व्यापक प्रचार हो सके। उन्होंने इसे पर्यटन और राष्ट्रीय छवि को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इसी दौरान प्रधानमंत्री ने सोने के आयात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश का बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार सोने की खरीद पर खर्च हो जाता है, इसलिए वर्तमान परिस्थितियों में सोने की खरीद को टालना उचित होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सोने की तत्काल आवश्यकता नहीं है और इसका विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने खाने के तेल के उपयोग को लेकर भी जनता से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल के आयात पर भी देश की बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है, इसलिए इसके उपयोग में कमी लाने से देश और शहर दोनों को लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि जहां संभव हो, स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए और कंपनियां वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था अपनाएं, जिससे संसाधनों की बचत और व्यवस्था में सुधार हो सके।





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