जोधपुर, 13 मई।
राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण, जोधपुर ने पंचायत समिति सिरोही में पदस्थ एक सहायक विकास अधिकारी के पक्ष में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए उसे अतिरिक्त विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नति प्रदान करने का निर्देश दिया है। यह पदोन्नति तीन माह की समयसीमा में लागू करने को कहा गया है।
सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा तहसील के भारजा गांव निवासी हरिराम माली की नियुक्ति 05 दिसंबर 1996 को ग्राम सेवक के पद पर हुई थी। इसके बाद 30 सितंबर 2013 को उन्हें पंचायत प्रसार अधिकारी बनाया गया, जिसका बाद में नाम परिवर्तन कर सहायक विकास अधिकारी कर दिया गया।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग ने 11 अगस्त 2021 को पदोन्नति के लिए विभागीय समिति गठित की थी, लेकिन कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध न होने के कारण उनका नाम विचार से बाहर कर दिया गया। बाद में 31 अगस्त 2022 को जारी वरिष्ठता सूची में उनका नाम शामिल किया गया और 23 दिसंबर 2022 को उनके पक्ष में अदेय प्रमाण पत्र भी जारी हो गया, जिससे रिपोर्ट उपलब्ध होने की पुष्टि हुई।
इसके बावजूद 10 फरवरी 2023 के आदेश के तहत कनिष्ठ एवं समकक्ष अधिकारियों को अतिरिक्त विकास अधिकारी पद पर पदोन्नति दे दी गई, लेकिन अपीलकर्ता को इससे वंचित रखा गया। इसके बाद उन्होंने कई अभ्यावेदन दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें अधिकरण का सहारा लेना पड़ा।
अधिकरण के समक्ष विभाग ने तर्क दिया कि उस समय कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए पदोन्नति रोकी गई। वहीं अपीलकर्ता पक्ष ने कहा कि बाद में रिपोर्ट से संबंधित प्रमाण पत्र जारी हो चुका था, इसलिए रोकना विधि विरुद्ध था।
सभी पक्षों को सुनने के बाद अधिकरण ने अपील स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि अपीलकर्ता को वर्ष 2020–21 की रिक्तियों के तहत पदोन्नति दी जाए तथा सभी परिणामी लाभ उसी तिथि से प्रदान किए जाएं, साथ ही आदेश का पालन तीन माह में सुनिश्चित किया जाए।








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