भोपाल 29 अप्रैल।
प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच स्कूली शिक्षा व्यवस्था विरोधाभासी निर्देशों के कारण असमंजस में आ गई है। एक ओर जहां तापमान लगातार तैंतालीस से चौवालीस डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को एक मई से बोर्ड परीक्षा की द्वितीय परीक्षा के लिए विशेष कक्षाएं लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों के अनुसार एक अप्रैल से शुरू हुआ नवीन सत्र तीस अप्रैल तक चलेगा। इसी बीच इंदौर सहित प्रदेश के आधे से अधिक जिलों में आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए गर्मी की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं, लेकिन दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि उनकी द्वितीय परीक्षाएं सात मई से प्रारंभ हो रही हैं।
इन परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए एक मई से विशेष कक्षाएं अनिवार्य की गई हैं। इसी समय अतिथि शिक्षकों का अनुबंध तीस अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जो प्रदेश के अधिकांश स्कूलों में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों की पढ़ाई कराते हैं। साथ ही एक मई से ही लगभग सत्तर प्रतिशत नियमित शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया जा रहा है।
ऐसी स्थिति में सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि विशेष कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जहां अधिकतर विद्यालय अतिथि शिक्षकों के सहारे संचालित होते हैं। वहां शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है और कई स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां ठप होने की स्थिति बन सकती है।











.jpg)

