चंडीगढ़, 09 मई।
पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राज्य के उद्योग, बिजली तथा निवेश प्रोत्साहन मंत्री संजीव अरोड़ा को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई से पहले ईडी की टीमों ने चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली और गुरुग्राम में उनके आवासों और संबंधित प्रतिष्ठानों पर व्यापक छापेमारी की।
चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित उनके सरकारी आवास पर कई घंटे तक चली तलाशी के बाद ईडी अधिकारियों ने मंत्री को हिरासत में ले लिया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया और चंडीगढ़ पुलिस ने आवास की ओर जाने वाले सभी मार्गों को बंद कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, करीब 20 अधिकारियों की ईडी टीम आठ वाहनों में विभिन्न स्थानों पर पहुंची और दिल्ली, गुरुग्राम तथा चंडीगढ़ में कुल पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें उनके परिवार से जुड़ी कंपनी ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ का कार्यालय भी शामिल बताया जा रहा है।
ईडी का आरोप है कि संजीव अरोड़ा की कंपनी के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक के मोबाइल फोन की फर्जी जीएसटी खरीद दर्शाई गई। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे मामले में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया गया और निर्यात के नाम पर जीएसटी रिफंड तथा ड्यूटी ड्रॉबैक प्राप्त किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली स्थित कई फर्जी फर्मों के नाम पर नकली बिल तैयार किए गए, जिनका वास्तविक अस्तित्व नहीं था। ईडी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के जरिए दुबई से अवैध धन भारत में लाकर “राउंड ट्रिपिंग” की गई, जिससे सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ।
ईडी की इस कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी ने मंत्री संजीव अरोड़ा का समर्थन किया है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और पंजाब के मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है।
गौरतलब है कि संजीव अरोड़ा को पहले राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफा दिलवाकर लुधियाना उपचुनाव में उतारा गया था और वर्तमान में वे पंजाब सरकार में प्रमुख मंत्रियों में गिने जाते हैं। इससे पहले भी ईडी उनकी संस्थाओं पर दो बार छापेमारी कर चुकी है।










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