भोपाल, 13 मई।
राजधानी भोपाल के पुराने शहर में मंगलवार रात हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए, जब एक युवक के साथ मारपीट और कथित अपमान की घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। भीड़ के बढ़ने पर प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू करनी पड़ी।
पूरा मामला 9 मई की उस घटना से जुड़ा बताया जा रहा है, जब गौतम नगर स्थित एक होटल में कुछ लोगों ने एक युवक और युवती को पकड़ा था। आरोप है कि युवक के साथ मारपीट की गई, उसके चेहरे पर स्याही और गोबर लगाया गया और उसे अपमानित किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
मंगलवार दोपहर से ही ताजुल मस्जिद, पीरगेट और इमामीगेट क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा होने लगी। शहर काजी और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की तथा 24 घंटे में कदम उठाने की अपील की।

रात करीब साढ़े आठ बजे स्थिति बिगड़ गई, जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए विरोध तेज कर दिया। देर रात मोती मस्जिद क्षेत्र में पथराव की घटना हुई, जिससे एक पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और हल्के बल प्रयोग से भीड़ को तितर-बितर किया और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
पूछताछ के दौरान युवती ने स्पष्ट किया कि वह पिछले पांच वर्षों से युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में है और दोनों अपनी मर्जी से होटल पहुंचे थे, साथ ही उसने किसी भी तरह की जबरदस्ती से इनकार किया और कोई कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही।
वहीं प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि 24 घंटे में कदम न उठाए जाने पर शहर बंद किया जाएगा। प्रशासन ने फिलहाल पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की निगरानी की जा रही है।



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