रायसेन, 14 अप्रैल
रायसेन उन्नत कृषि महोत्सव: ‘बीज से बाजार तक’ कृषि को रूपांतरित करने वाला आयोजन
रायसेन में किसानों की खेती को आधुनिक, लागत में कमी लाने वाली तथा उत्पादन बढ़ाने वाली दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का आयोजन 11 से 13 अप्रैल के बीच किया गया।
इस महोत्सव में कृषि एवं संबद्ध विषयों पर कुल 24 प्रशिक्षण और सेमिनार सत्र आयोजित किए गए, जिनमें किसानों के साथ-साथ कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। यह आयोजन संवादात्मक रहा, जहां किसानों ने सत्र के दौरान ही अपनी शंकाओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त किया तथा उन्हें नवीन कृषि तकनीकों और उन्नत पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इन सत्रों के माध्यम से किसानों को यह समझाया गया कि किस प्रकार इंटीग्रेटेड फार्मिंग और पॉलीहाउस जैसी तकनीकों से खेती को अधिक समृद्ध बनाया जा सकता है, जिससे कृषि केवल आजीविका न रहकर लाभकारी व्यवसाय बन सके।
रायसेन का यह महोत्सव इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि इसमें किसानों ने जहां कृषि संबंधी ज्ञान प्राप्त किया, वहीं देशभर से आए वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने भी किसानों के अनुभवों से नई और व्यावहारिक जानकारियां हासिल कीं।
कार्यक्रम के दौरान केवीके सम्मेलन, एफपीओ सम्मेलन सहित विभिन्न सत्रों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, हाइड्रोपोनिक्स, बागवानी, फूलों की खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन, दलहन एवं तिलहन उत्पादन वृद्धि तथा कृषि मशीनीकरण जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। इस प्रकार किसानों को ‘बीज से बाजार तक’ की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि नई दिशा की शुरुआत है, जहां किसानों के लिए व्यावहारिक ज्ञान, तकनीक, नवाचार और विकास एक साथ उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की मिट्टी, जलवायु, जल संसाधन और उपलब्धताओं के आधार पर ‘बीज से बाजार तक’ का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है, जिससे उपयुक्त फसलों, फलों और सब्जियों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की समग्र योजना बनाई जा सकेगी।
महोत्सव में लगभग 350 स्टॉल लगाए गए, जहां कृषि तकनीक, उपकरण और विभिन्न योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। किसान क्रेडिट कार्ड के लिए करीब 4000 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1800 कार्ड मौके पर ही स्वीकृत कर वितरित किए गए। साथ ही बीमा कंपनियों ने किसानों को योजनाओं का लाभ सरल तरीके से दिलाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया।









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