रायसेन, 13 मई।
रायसेन जिला मुख्यालय पर बुधवार को जिला प्रशासन एवं होमगार्ड आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हवाई हमलों की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा तैयारियों का अभ्यास किया जाएगा। यह मॉकड्रिल पुलिस लाइन परिसर रायसेन में रात्रि 7:35 बजे आयोजित होगी।
इस अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल तथा आम नागरिकों की प्रतिक्रिया क्षमता और तत्परता का मूल्यांकन करना है।
मॉकड्रिल के दौरान प्रतीकात्मक ब्लैकआउट का अभ्यास किया जाएगा, जिसमें बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर अंधकार की स्थिति निर्मित की जाएगी, ताकि हवाई हमले की स्थिति में शहर की पहचान सुरक्षित रखी जा सके।
इसके साथ ही बचाव एवं राहत कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें हमले में घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना, मलबे से रेस्क्यू करना तथा प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना शामिल रहेगा।
जनजागरूकता और प्रशासनिक समन्वय के तहत नागरिकों को यह जानकारी दी जाएगी कि सायरन बजने की स्थिति में उन्हें किन सावधानियों का पालन करना है और किन कार्यों से बचना है। इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन, होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन, पुलिस, चिकित्सा, विद्युत, नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी रहेगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी कवायद केवल एक प्रतीकात्मक अभ्यास है। पुलिस लाइन परिसर तथा आसपास के नागरिकों से अपील की गई है कि सायरन या हलचल को देखकर घबराएं नहीं।
प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि इस प्रकार की तैयारियां वास्तविक संकट की स्थिति में जन-धन की हानि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह अभ्यास आपदा प्रबंधन टीमों की प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक होगा।





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