मुंबई, 06 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तीन दिवसीय समीक्षा बैठक शुरू कर दी है। यह बैठक 6 से 8 अप्रैल तक चलेगी और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में 8 अप्रैल को फैसलों की घोषणा की जाएगी। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इस बैठक में रेपो रेट 5.25 फीसदी पर यथावत रखा जाएगा।
बैठक में नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट और महंगाई पर निर्णय लिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और मुद्रा दबावों के बीच RBI इस बार भी रेपो रेट को स्थिर रखने की संभावना रखता है। रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्पकालिक ऋण देती है और इसका असर लोन, EMI, बचत और निवेश पर पड़ता है।
आरबीआई की एमपीसी में कुल छह सदस्य होते हैं, जिनमें तीन आरबीआई अधिकारी और तीन बाहरी सदस्य शामिल हैं। बाहरी सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। इस वित्त वर्ष में एमपीसी की कुल छह बैठकें निर्धारित की गई हैं, जिनमें अगली बैठक 3-5 जून, तीसरी 3-5 अगस्त, चौथी 5-7 अक्टूबर, पांचवीं 2-4 दिसंबर और छठी 3-5 फरवरी, 2027 को होंगी।


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