बिलासपुर, 30 अप्रैल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक सेवानिवृत्त 82 वर्षीय महिला प्रोफेसर को डिजिटल गिरफ्तारी के जाल में फंसाकर साइबर ठगों ने एक करोड़ से अधिक की बड़ी ऑनलाइन ठगी कर ली।
पीड़िता को लगभग सात दिनों तक डिजिटल रूप से बंधक बनाकर रखा गया और टेरर फंडिंग से जुड़े फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर उनसे विभिन्न बैंक खातों में कुल एक करोड़ चार लाख अस्सी हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब महिला का पुत्र घर पहुंचा और पूरे मामले की सच्चाई सामने आई।
सेवानिवृत्त प्रोफेसर का नाम प्रो. रमन श्रीवास्तव बताया गया है, जो पूर्व में डीपी कॉलेज में पदस्थ थीं और वर्तमान में बिलासपुर के एक आवासीय क्षेत्र में निवास कर रही हैं। इस मामले में साइबर सेल और संबंधित थाने में 27 अप्रैल को आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले मुंबई निवासी ने बताया कि वे एक कंसल्टेंसी कंपनी में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं और पीड़िता उनकी माता हैं, जो वर्ष 2005 में कॉलेज से सेवानिवृत्त हुई थीं।
जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल को महिला ने अपने पुत्र को बताया कि 20 अप्रैल को उन्हें दोपहर लगभग डेढ़ बजे व्हाट्सएप पर एक अज्ञात संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें एक व्यक्ति ने स्वयं को संजय नामक अधिकारी बताया। इसके बाद ठगों ने स्वयं को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर संपर्क किया और आरोप लगाया कि उनके नाम से अवैध वित्तीय लेनदेन हुआ है। डराने के लिए उन्हें न्यायालय और जांच एजेंसी से जुड़े फर्जी नोटिस भी भेजे गए तथा किसी से बातचीत न करने की चेतावनी दी गई।
इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार दबाव बनाया गया और उन्हें बताया गया कि वे एक आतंकवादी गिरोह से जुड़ी हैं तथा अवैध धन लेनदेन में शामिल हैं, जिसके कारण गिरफ्तारी संभव है। लगभग दो घंटे से अधिक समय तक मानसिक दबाव बनाकर उनके बैंक खाते, पारिवारिक जानकारी और वित्तीय विवरण लिए गए। ठगों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सभी धनराशि बताए गए खातों में ट्रांसफर करने की मांग की तथा यह भी धमकी दी कि यदि किसी परिजन से संपर्क किया गया तो पूरे परिवार को मामले में फंसा दिया जाएगा।
डर के कारण पीड़िता ने पहले बीस लाख बीस हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेज दिए, जिसके बाद विभिन्न खातों में किश्तों में कुल एक करोड़ चार लाख अस्सी हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद ठगों ने और पचास लाख रुपये की मांग भी रखी। जब महिला ने अपने पुत्र से यह राशि मांगी, तब पूरी सच्चाई उजागर हुई और परिजन तुरंत बिलासपुर पहुंचे तथा उन्हें बताया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं।
शिकायत के आधार पर अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।





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