कोलंबो, 16 मई।
श्रीलंका सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने और बाहरी आर्थिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से आयातित मोटर वाहनों पर अस्थायी रूप से 50 प्रतिशत अतिरिक्त सीमा शुल्क अधिभार लगाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय देश के वित्त मंत्रालय द्वारा लागू किया गया है।
जानकारी के अनुसार यह अधिभार आज से प्रभावी हो गया है और आगामी तीन महीनों तक लागू रहेगा। यह शुल्क सामान्य और रियायती दोनों प्रकार के आयात शुल्क श्रेणियों पर लागू होगा। इसके दायरे में बसें, यात्री कारें, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहन, एम्बुलेंस, मोटरहोम तथा विभिन्न प्रकार के विशेष वाहन शामिल हैं।
सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 15 मई या उससे पहले खोले गए लेटर ऑफ क्रेडिट इस अधिभार से मुक्त रहेंगे।
गौरतलब है कि श्रीलंका ने वर्ष 2022 के आर्थिक संकट के दौरान लगाए गए लगभग पूर्ण वाहन आयात प्रतिबंधों को बाद में आंशिक रूप से हटाया था। उस संकट के समय देश में विदेशी मुद्रा की भारी कमी, कर्ज चूक, महंगाई और ईंधन संकट जैसी गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो गई थीं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह नया कदम आयात मांग को नियंत्रित करने और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष समर्थित आर्थिक सुधार कार्यक्रम के तहत बाहरी क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा। हालांकि वाहन उद्योग से जुड़े संगठनों ने चेतावनी दी है कि इससे वाहनों की कीमतों में वृद्धि हो सकती है और ऑटोमोबाइल व परिवहन क्षेत्र की वृद्धि प्रभावित हो सकती है।
वाहन आयातक संघ का कहना है कि इस फैसले से कारों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम उपभोक्ताओं की पहुंच प्रभावित होगी। वहीं पूर्व मंत्री अली साबरी ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए इसे देश की कमजोर अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए एक आवश्यक कदम बताया है।










