पूर्वी सिंहभूम, 16 मई।
जिले में वेतन भुगतान में हो रही देरी के खिलाफ शिक्षकों का आक्रोश शनिवार को खुलकर सामने आया, जब बड़ी संख्या में शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए और डीईओ मनोज कुमार का घेराव किया।
यह प्रदर्शन शिक्षक संघ के बैनर तले किया गया, जिसमें मार्च और अप्रैल माह का वेतन लंबित रहने के मुद्दे को लेकर शिक्षकों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया।
शिक्षकों का कहना था कि दो महीने से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और परिवार के दैनिक खर्चों का संचालन भी कठिन हो गया है।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने बताया कि कई शिक्षकों ने बैंक से ऋण ले रखा है, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण ईएमआई जमा नहीं हो पा रही है, जिससे उनके ऋण बाउंस हो रहे हैं और बैंक की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई शिक्षक अपने बच्चों की स्कूल फीस तक जमा करने में असमर्थ हैं, जिससे पारिवारिक जीवन पर अतिरिक्त मानसिक तनाव बढ़ गया है।
शिक्षकों का आरोप था कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में विपत्र पर हस्ताक्षर नहीं होने के कारण वेतन भुगतान की प्रक्रिया अटकी हुई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि नियमित सेवा देने के बावजूद समय पर वेतन जारी क्यों नहीं किया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बाद में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से आश्वासन दिया गया कि मंगलवार तक दो माह का वेतन एक साथ शिक्षकों के खातों में भेज दिया जाएगा, जिसके बाद शिक्षकों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।









